अमित शाह ने राहुल गांधी को दी चुनौती, कहा- 1962 से आज तक दो-दो हाथ हो जाए

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 28-06-2020 / 3:20 PM
  • Update Date: 28-06-2020 / 3:20 PM

नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया है और कहा है कि भारत-चीन विवाद के दौरान राहुल गांधी ने ऐसे बयान दिए जो पाकिस्तान और चीन ने पसंद किए। इसी के साथ उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि सरकार संसद में बहस के लिए तैयार है। अमित शाह ने कहा कि सरकार ससंद में 1962 से लेकर आज तक बहस करने को तैयार है। ‘दो-दो हाथ हो जाएं’।

उन्होंने कहा कि कोई चर्चा से नहीं डरता। मगर जब देश के जवान सीमा पर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार एक स्टैंड लेकर ठोस कदम उठा रही है। उस वक्त पाकिस्तान और चीन को खुशी हो इस प्रकार के बयान किसी को नहीं देना चाहिए।

21 जून को राहुल ने गलवान झड़प पर ट्वीट किया था कि नरेंद्र मोदी वास्तव में ‘सरेंडर मोदी’ हैं। हालांकि, सरेंडर शब्द लिखने में स्पेलिंग गलत हो गई थी। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ विवाद और कोरोना पर शाह ने कहा कि मैं साफ करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दोनों वॉर जीतने जा रहा है।

वहीं कोरोना पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब दिल्ली डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली में 31 जुलाई तक 5.5 लाख मामले हो जाएंगे, तब लोगों में डर था। लेकिन अब हमें विश्वास है कि हम उसे स्टेज तक नहीं पहुंचेंगे। डरने की कोई बात नहीं है। अमित शाह ने कहा कि मैं ये साफ कर देना चाबता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दोनों जंग जीतेगा।

अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार कोरोना के खिलाफ अच्छी लड़ाई लड़ रहा है। राहुल जी को एडवाइज़ देने का काम उनकी पार्टी के नेताओं का है। कुछ लोगों की वक्रदृष्टि होती है, वो सही चीज को भी गलत तरीके से देखते हैं। भारत कोरोना के खिलाफ अच्छी लड़ाई लड़ रहा है और हमारे आंकड़े दुनियाभर के बाकी देशों से बेहतर हैं।

अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के बाद क्या कोई ऐसा व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष बना है जो गांधी परिवार से न हो। वह किस लोकतंत्र की बात करते हैं। इमरजेंसी पर बात करते हुए उन्होंने कहा, कोविड के दौरान मैंने कोई राजनीति नहीं की। आप पिछले 10 सालों के मेरे ट्वीट देखे लीजिए, हर 25 जून को मैं बयान देता हूं।

अमित शाह ने कहा, आपातकाल को लोगों द्वारा याद किया जाना चाहिए क्योंकि इसने हमारे लोकतंत्र की जड़ों पर हमला किया। किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता या नागरिक को नहीं भूलना चाहिए। इसके बारे में जागरूकता होनी चाहिए। यह किसी पार्टी के बारे में नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र पर हमले के बारे में है।

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में 350 से ज्यादा शव (कोरोना मरीज) बिना संस्कार के पड़े थे। हमने तय किया कि 2 दिनों के भीतर शवों का अंतिम संस्कार धर्म के अनुसार किया जाएगा। अभी कोई भी शव अंतिम संस्कार के बिना नहीं बचा है।

लॉकडाउन की शुरुआत से ही पीएम मोदी और मैंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और कहा कि प्रवासियों के लिए रहने और खाने का इंतजाम कर लें। ढाई करोड़ लोगों के लिए व्यवस्था की गई। 11 हजार करोड़ रुपए नेशनल डिजास्टर फंड में ट्रांसफर किए गए।

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