आपातकाल की बरसी पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला- सत्ता के लालच में एक परिवार ने देश को जेल में बदला

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 25-06-2020 / 11:00 AM
  • Update Date: 25-06-2020 / 11:00 AM

नई दिल्ली। आपातकाल की बरसी पर बीजेपी ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस को घेरा है। शाह ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र है लेकिन कांग्रेस में नहीं। सत्ता के लालच में एक परिवार ने देश में 45 साल पहले एक परिवार ने आपातकाल लगा दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमिटी में सबकी आवाज दबा दी गई। नड्डा ने भी ट्वीट कर कांग्रेस पर निशना साधा है।

अमित शाह ने एक के बाद एक कई सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए कांग्रेस पर हमला बोला। अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा , ’45 साल पहले इस दिन सत्ता की लालच में एक परिवार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया। रातों रात राष्ट्र को जेल में बदल दिया गया। प्रेस, अदालतें, मुक्त भाषण … सब खत्म हो गए, गरीबों और दलितों पर अत्याचार किए गए।’

गृहमंत्री ने कहा, ‘लाखों लोगों के प्रयासों के कारण आपातकाल हटा लिया गया था। भारत में लोकतंत्र बहाल हो गया था, लेकिन कांग्रेस में लोकतंत्र बहाल नहीं हो पाया। एक परिवार के हित पार्टी के हितों और राष्ट्रीय हितों पर हावी थे। यह खेदजनक स्थिति आज की कांग्रेस में भी पनपती है।’

अमित शाह ने कहा, ‘सीडब्ल्यूसी की हालिया बैठक के दौरान वरिष्ठ सदस्यों और छोटे सदस्यों ने कुछ मुद्दों को उठाया, लेकिन उन पर चिल्ला कर शांत करा दिया गया। पार्टी के एक प्रवक्ता को बिना सोचे समझे बर्खास्त कर दिया गया। दुखद सच्चाई यह है कि कांग्रेस में नेता घुटन महसूस कर रहे हैं।’

अपने आखिरी ट्वीट संदेश में उन्होंने कहा कि, भारत के विपक्षी दलों में से कांग्रेस को खुद से कुछ सवाल पूछने की जरूरत है। आपातकाल जैसी विचारधारा अभी भी क्यों पार्टी में है? ऐसे नेता जो एक वंश के नहीं हैं, बोलने में असमर्थ क्यों हैं? कांग्रेस में नेता क्यों निराश हो रहे हैं? अगर वह सवाल नहीं पूछते हैं तो लोगों से उनका जुड़ाव और कम हो जाएगा।

वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी आपातकाल की 45वीं बरसी पर कांग्रेस की क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि भारत उन सभी महानुभावों को नमन करता है, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का जमकर विरोध किया। ये हमारे सत्याग्रहियों का तप ही था, जिससे भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों ने एक अधिनायकवादी मानसिकता पर सफलतापूर्वक जीत प्राप्त की।’

गौरतलब है कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक यानी 21 महीने के लिए देश में आपातकाल लगाया गया था। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर तत्कालीन राष्ट्रपति फखरूद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल की घोषणा की थी।

Share This Article On :
Loading...

BIG NEWS IN BRIEF