67 साल के हुए पंकज उधास, आज भी मशहूर है उनकी ये गजलें

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 17-05-2018 / 9:51 PM
  • Update Date: 17-05-2018 / 9:51 PM

मुंबई। गजलों की दुनियां गायक पंकज उधास आज अपना 67वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। उनका जन्‍म 17 मई 1951 को गुजरात के जीतपुर में हुआ था। पंकज उधास ने कई सारी मधुर नगमें और गजलें गाईं। पंकज के दोनों भाई मनहर उधास और निर्मल उधास भी गायक थे। पंकज उधास अब कम गाने गाते हैं और बहुत साधारण जीवन जीते हैं। पंकज उधास खुद को फिट रखने के लिए रोजाना योगा और कसरत करते हैं। पंकज उधास को बचपन से ही संगीत से खासा लगाव था।

उनकी कई गजलें ‘चुपके चुपके रात दिन…’, ‘कुछ न कहो, कुछ भी न कहो…’, ‘चिट्ठी आई है…’, ‘घूंघट को मत खोल’, ‘कि गोरी घूंघरू टूट गए’, ‘ ‘वो बन संवर कर’, ‘पीने वालों सुनो’, ‘दिल देता है रो रो दुहाई’, ‘दिल जब से टूट गया’ और ‘न कजरें की धार न मोतियों के हार’ जैसी कई गीत आज भी लोगों की जुबान पर मौजूद हैं। उनकी ये नगमें आज भी दिलों को छूती है और लोग इसे आज भी सुनना बेहद पसंद करते हैं।

Share This Article On :
loading...

BIG NEWS IN BRIEF