ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फ़िल्म, ‘DDLJ’ के 25 साल पूरे होने के अवसर पर रोमांस के बादशाह, शाहरुख़ ख़ान कहते हैं

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 20-10-2020 / 8:39 PM
  • Update Date: 20-10-2020 / 8:39 PM

‘मुझे हमेशा यही लगता था कि मैं किसी भी रोमांटिक किरदार को निभाने के लिए उपयुक्त नहीं हूं’

शाहरुख़ ख़ान और काजोल स्टारर फ़िल्म, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ (लोग प्यार से इसे DDLJ भी कहते हैं) को आज 25 साल पूरे हो गए हैं, जिसे आदित्य चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। इस मौके पर रोमांस के बादशाह ने फ़िल्म के बारे में खुलकर बताते हुए कहा कि, उन्हें ऐसा नहीं लगता था कि वह पर्दे पर एक रोमांटिक हीरो की भूमिका निभा सकते हैं!

SRK कहते हैं, “उस वक़्त तक मैंने पर्दे पर जो भूमिकाएं निभाई थी, राज उसके बिल्कुल विपरीत था। DDLJ से पहले मैंने डर, बाजीगर, अंजाम जैसी फिल्मों में नेगेटिव कैरेक्टर को पर्दे पर उतारा था। इसके अलावा, मुझे हमेशा यही लगता था कि मैं किसी भी रोमांटिक किरदार को निभाने के लिए उपयुक्त नहीं हूं। इसलिए, जब यश जी और आदि ने मुझे इस किरदार के बारे में बताया और इसे पर्दे पर निभाने का अवसर दिया, तब मैं उनके साथ काम करने को लेकर काफी एक्साइटेड था, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि इसकी शुरुआत कैसे की जाए। मैं यह भी सोच रहा था कि, मैं इस किरदार को अच्छी तरह से निभा पाऊंगा या नहीं।”

“सच कहूं तो, मुझे हमेशा लगता है कि आदि ने मुझसे घनिष्ठता की वजह से ही मुझे इस फ़िल्म में कास्ट किया। मुझे यह कैरेक्टर सही मायने में काफी इन्डीयरिंग और स्वीट लगा – और फिर मैंने अपना योगदान देते हुए इस कैरेक्टर को जीवंत किया। यह उन भूमिकाओं में से एक है, जिसके लिए मैंने महसूस किया कि मैं अपनी असल ज़िंदगी के एक वर्जन को इसमें शामिल कर सकता हूं। इसलिए, इस कैरेक्टर में आपको कुछ अनोखापन नज़र आएगा, साथ ही इस किरदार में आप कुछ ऐसे हैबिट्स और मैनरिज़्म को भी देख सकते हैं जो असल ज़िंदगी में मेरे व्यक्तित्व का हिस्सा हैं, खास तौर पर इस कैरेक्टर का ‘सेंस ऑफ ह्यूमर’ बिल्कुल मेरे ऑफ-स्क्रीन पर्सोना की तरह ही है।”

बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाली फ़िल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (लोग प्यार से इसे DDLJ भी कहते हैं), आदित्य चोपड़ा द्वारा लिखित और उनके निर्देशन में बनी पहली फ़िल्म थी, जो हिंदी सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों में से एक है। यह अब तक की सबसे लंबे समय तक चलने वाली हिंदी फ़िल्म बन चुकी है! DDLJ 10 फ़िल्मफेयर अवार्ड्स जीतने वाली एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग फ़िल्म (उस समय की) है और इसी फ़िल्म ने बॉलीवुड को पूरी दुनिया में एक नई पहचान दी है।

1995 में 4 करोड़ रुपये की बजट से बनी इस ब्लॉकबस्टर फ़िल्म ने भारत में 89 करोड़ रुपये कमाए, जबकि भारत से बाहर के मार्केट में इसका कलेक्शन 13.50 करोड़ रुपये था। इस तरह, 1995 में दुनिया भर में इस फ़िल्म का कुल कलेक्शन 102.50 करोड़ रुपये था! आज के इन्फ्लेशन के हिसाब से देखा जाए, तो भारत में DDLJ का कुल कलेक्शन 455 करोड़ रुपये और दूसरे देशों में 69 करोड़ रुपये होता है, और कुल मिलाकर वर्ल्ड-वाइड कलेक्शन 524 करोड़ रुपये हो जाता है जो वाकई बेमिसाल है!

शाहरुख़ ने अपनी बात जारी रखते हुए हमें बताया कि वह बेहद शर्मीले स्वभाव के हैं और महिलाओं की मौजूदगी में उन्हें काफी संकोच होता है, इसलिए वह समझ नहीं पा रहे थे कि वह DDLJ के रोमांटिक सीन्स को पर्दे पर किस तरह उतारेंगे! वह कहते हैं, “कई लोगों ने मुझे कहा कि मेरा लुक काफी अनकन्वेंशनल है – यानी उनके ख़्याल से मेरा लुक फिल्मों में लीडिंग मैन के परसेप्शन से बिल्कुल अलग था। मुझे भी ऐसा ही लगने लगा था क्योंकि शायद मैं इतना हैंडसम नहीं हूं – या उस वक़्त लोग ऐसे लुक को ‘चॉकलेटी’ कहते थे जिसके कारण उन्हें लगता था कि मैं रोमांटिक भूमिकाओं के लिए अनुपयुक्त हूं। इसके अलावा, मैं बेहद शर्मीला हूं और महिलाओं की मौजूदगी में मुझे काफी संकोच होता है, इसलिए मैं नहीं जानता था कि फ़िल्म के सभी प्यार भरे, रोमांटिक सीन्स को मैं किस तरह निभाऊंगा।”

अपने फैन्स के बीच किंग ख़ान के नाम से मशहूर शाहरुख़ कहते हैं, “मैं इस बात को स्वीकार करता हूं कि मुझे भावुक और रोमांटिक फिल्में पसंद नहीं हैं, लेकिन इस फ़िल्म में काजोल के साथ अपने सीन्स देखकर मुझे भी काफी अच्छा लगा। उस वक़्त भी मैंने यह बात कही थी!” उन्होंने यह भी बताया कि, “जब कभी भी रेडियो पर DDLJ का गाना आता है, तो मैं रेडियो चैनल नहीं बदलता हूं। इस फ़िल्म के गानों से मैं कभी बोर नहीं हो सकता। गानों से उस फ़िल्म की यादें ताज़ा हो जाती हैं, जिसने बड़े ही शानदार तरीके से मेरे इस सफ़र को आगे बढ़ाया है।”

DDLJ का अंतिम दृश्य बड़ा ही शानदार था, जिसने हर जनरेशन के प्यार करने वाले लोगों को राज और सिमरन की तरह अपनी प्रेम कहानी की कल्पना करने की प्रेरणा दी है। कई फ़िल्म-मेकर्स ने तो अपनी फिल्मों के इंस्पिरेशन के रूप में इस सीन का इस्तेमाल किया है। SRK ने खुलासा किया कि, शूटिंग के दौरान उन्हें ऐसा नहीं लगा था कि यह ट्रेन सीक्वेंस फ़िल्म का आईकॉनिक सीन बन जाएगा।

वह कहते हैं, “फ़िल्म की इससे बेहतर एंडिंग कुछ और नहीं हो सकती थी, लेकिन उस वक़्त मुझे ऐसा नहीं लगा था कि बाद में यह फ़िल्म का आईकॉनिक सीन बन जाएगा।”

SRK अपनी इस सुपरस्टारडम का क्रेडिट DDLJ को देते हैं। वह कहते हैं, “मैं मानता हूं कि DDLJ से मुझे इंडस्ट्री में अपनी जगह और मजबूत बनाने में मदद मिली, साथ ही इस फ़िल्म की वजह से मुझे इतनी शोहरत और कामयाबी मिली, जिसका मुझे यक़ीन नहीं था। हम सभी भविष्य की चिंता किए बिना वर्तमान में जी रहे थे, और हम सब एकजुट होकर सबसे बेहतर फ़िल्म बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसकी कामयाबी के बहुत से कारण हैं, और मुझे नहीं लगता कि किसी एक चीज की वजह से इस फ़िल्म को इतनी बड़ी सफलता मिली है। मेरी न के बराबर ‘गुड लुक्स’ के अलावा, आदि, यशजी और पूरी कास्ट एवं क्रू ने इस फ़िल्म में दिल से काम किया, और यही इसकी कामयाबी की सबसे बड़ी वजह है।”

उन्होंने आगे कहा, “शुरुआत में मुझे भी ऐसा ही लगता था कि, अपनी लुक्स की वजह से मैं अनकन्वेंशनल रोल्स को ज्यादा बेहतर ढंग से निभा सकता हूं, लेकिन DDLJ ने मेरे इस यक़ीन को झूठा साबित कर दिया। मैं आज भी ऐसे अनकन्वेंशनल कैरेक्टर को पर्दे पर उतारने के लिए स्ट्रगल करता हूं जो मुझे सूट करता है, लेकिन सच कहूं तो पिछले 25 सालों से मैं इस बात के लिए स्ट्रगल कर रहा हूं कि लोग मुझे रोमांटिक और स्वीट हीरो की तरह नहीं देखें – और इस स्ट्रगल में हारकर भी मैं खुश हूं।”

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