ये 21अनमोल विचार हमारा आज और कल बेहतर बना सकते हैं : ओशो

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 02-09-2017 / 7:54 AM
  • Update Date: 22-09-2017 / 2:40 PM

1 : अगर जितना हो मन को, तो पहला नियम है कि लड़ना मत।

2 : ध्यान है तो सब है, ध्यान नहीं तो कुछ भी नहीं।

3 : प्रेम लक्ष्य है, जीवन यात्रा है।

4 : उत्सव मेरा धर्म है, प्रेम मेरा संदेश है, और मौन मेरा सत्य है।

5 :जहाँ भय समाप्त हो जाता है वहाँ जीवन शुरू होता है।

6 : स्वतंत्रता हमारा सबसे अनमोल खजाना है। कुछ के लिए यह मत खोना।

7 : सवाल यह नहीं है की मृत्यु के बाद जीवन मौजूद है या नहीं। असली सवाल यह है की आप मौत से पहले जीवित हैं या नहीं।

8 : ठोकरें खा कर भी ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब, वरना पत्थरों ने तो अपना फर्ज़ निभा ही दिया था।

9 : कबीर ने कहा है कि तुम धोखा खा लो, लेकिन धोखा मत देना, क्योंकि धोखा खा लेने से कुछ भी नहीं खोता है। धोखा देने से सब कुछ खो जाता है।

10 : यहाँ कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं हैं। हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है।

11 : तुमने पद, धन, यश, कीर्ति, प्रेम इन सबकी चेष्टाएँ की, बस एक ध्यान के दियें को जलाने की चेष्टा नहीं की, वही काम आएगा। मौत केवल उसी दियें को नहीं बुझा पाती।

12 : जीवन पर गुस्सा मत करो, यह जीवन नहीं जो आपको निराशा देता है, यह आप हैं जो जीवन की नहीं सुनते।

13 : अधिक से अधिक भोले, कम ज्ञानी और बच्चों की तरह बनिए। जीवन को मज़े के रूप में लीजिये क्योंकि वास्तविकता में यहीं जीवन है।

14 : मैं अपने संन्यासी को कहता हूँ, भागना मत। भागना भय है। और भय तो कायरता है। और कायर तो संसार भी नहीं पा सकता, सत्य को क्या खाक पाएगा।

15 : दुखी कोई भी नहीं यहाँ, दुःख से घिरे रहना हमारा स्वभाव बन गया है। इस लिए दुःख है।

16 : प्रेम देना बहुत सुंदर अनुभव है क्योंकि देने में तुम सम्राट हो जाते हो।

17 : दुःख भी तभी दुःख मालूम पड़ता है जब हम अस्वीकार करते हैं। दुःख में पीड़ा नहीं है, पीड़ा हमारे अस्वीकार में है कि ऐसा नहीं होना चाहिए था, और हुआ, इसलिए पीड़ा है।

18 : दुःख पर ध्यान दोगे तो हमेशा दुखी रहोगे, सुख पर ध्यान देना शुरू करो। क्योंकि तुम जिस पर ध्यान देते हो वह चीज सक्रिय हो जाती है। ध्यान सबसे बड़ी कुंजी है।

19 : सर्वाधिक आनंद उन्हें प्राप्त होता है, जो अकेले रहने की कला सिख जाते है।

20 : जिसको तुम अपने से छोटा मानते हो या अपने जैसा मानते हो उसके पैर छूने से अहंकार गिरेगा।

21 : मेरा संदेश छोटा–सा है : प्रेम करो। सबको प्रेम करो। और ध्यान रहे कि इससे बड़ा कोई भी संदेश न है, न हो सकता है।

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