लाभ कमाने के लिए बड़ी कंपनियां दे रही ग्राहकों को धोखा

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 13-02-2018 / 9:34 PM
  • Update Date: 13-02-2018 / 9:34 PM

वॉशिंगटन। देशी-विदेशी बाजारों में लगातार प्रतिस्पर्धा बढ़ने का सीधा असर नामी कंपनियों के मुनाफे पर दिखने लगा है। कंपनियां बाजार में बने रहने के लिए लगातार अपने उत्पादों के दाम में कमी कर रही है, जिससे उनके सालाना मुनाफे में कमी आई है। इस परेशानी से निकलने के लिए कंपनियों ने नया रास्ता ढूंढ़ लिया है। लेकिन यह रास्ता ग्राहकों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अधिकांश महानगरों में यह देखा जाता है कि सप्ताहंत में सड़क किनारे बाजार लगने लगते है जहां से लोग सस्ते कपड़े खरदीते है।

इन बाजारों में जो कपड़े बिकते है (जींस, टी-शर्ट्स, हूडीज और बॉक्सर्स) उनपर जो लोगो लगे हैं वे बड़े ब्रैंड्स के लोगोज से मिलते-जुलते ही हैं। विश्व प्रसिद्ध ब्रांड Diesel (डीजल) की स्पेलिंग कपड़ों पर Deisel लिखी है। ब्रैंड लोगो में स्पेलिंग थोड़ी अलग है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नकली डीजल जींस को भी असली कंपनी ने बनाया है। अमेरिका में यह नकली डीजल जींस करीब 4.5 हजार का है वहीं डीजल के जींस 13 हजार से शुरू होते हैं। डीजल जैसे बड़े ब्रैंड्स लोगो में थोड़ा अंतर कर नकली उत्पाद बेचने वालों को मार्केट से हटाना चाहते हैं। डीजल के फाउंडर रेंजो रॉसो ने बताया कि पिछले साल नकली डीजल उत्पाद बेच रही 86 कंपनियों को ब्लॉक किया गया है।

Deisel नाम से जो कपड़े बिक रहे हैं उन्हें भी डीजल ने ही बनाया है। रॉसो ने बताया, ‘लोगोज के लिए यह चमत्कारिक समय है। कोई ब्रैंड अपनी नकल भी कर सकता है। उनका कहना है कि अगर आप अपने उत्पाद के नकली या डी उत्पाद बनाने वालों को हरा नहीं सकते तो उनके साथ जुड़ तो सकते हैं। इस सब के पीछे उनका कहना है कि नकली बनाओ और मुनाफा कमाओ।’ ऐसा नहीं है कि डीजल ने कोई नया प्रयोग किया है। नामी ब्रैंडूू्र (गूची) भी अपना मिलता जुलता नकली लोगो बना चुका है।

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