26 जनवरी को प्लास्टिक का तिरंगा फहराने वालों को होगी 3 साल की जेल

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 11-01-2018 / 2:21 PM
  • Update Date: 11-01-2018 / 2:21 PM

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर प्लास्टिक का तिरंगा फहराने वालों को तीन साल तक की जेल हो सकती है। गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को फ्लैग कोड का कड़ाई से पालन करने को कहा है। इस कोड में साफ तौर पर प्लास्टिक के झंडे पर रोक है।

गणतंत्र दिवस से पहले सरकार ने देशवासियों से आग्रह किया है कि वे प्लास्टिक से बने राष्ट्र ध्वज का इस्तेमाल न करें। सरकार के मुताबिक प्लास्टिक के बने राष्ट्र ध्वज बॉयोडिग्रेबिल नहीं होते, इसलिए ये लंबे समय तक नष्ट नहीं होते। लिहाजा प्लास्टिक के बने राष्ट्र ध्वजों को सम्मानीय तरीके नष्ट करना एक व्यवहारिक दिक्कत है।

सरकारी एडवाइजरी के मुताबिक तिरंगा फहराते समय भारतीय ध्वज संहिता के प्रावधान का ख्याल रखना चाहिए। ऐसे में सिर्फ कागज के झंडो का प्रयोग किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि झंडे का अपमान नहीं हो। ऐसे ध्वजों को एकांत में पूरे सम्मान के साथ नष्ट किया जाना चाहिए।

द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट-1971 की धारा 2 के मुताबिक, कोई भी शख्स अगर सार्वजनिक स्थान पर या किसी अन्य स्थान पर (जो लोगों की नजर में हो) देश के झंडे का अपमान करता है, उसे जलाता है, विकृत करता है या किसी भी तरह का अनादर करता है तो उसे तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है या फिर उसे जुर्माना देना पड़ सकता है, या फिर दोनों हो सकता है।

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