भारत ने जान-बूझकर 1947 में धर्मनिरपेक्षता को चुना : SC के पूर्व जज खेहर

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 12-01-2018 / 12:39 PM
  • Update Date: 12-01-2018 / 12:39 PM

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने हिंदुत्व की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी राजनीति भारत के लिए वैश्विक शक्ति बनने की राह में बाधक बन सकती है।

24वें लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल लेक्चर में खेहर ने गुरुवार को कहा, ‘भारत वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा रखता है। वैश्विक परिदृश्य में अगर आप मुस्लिम देशों के साथ मित्रता का हाथ बढ़ाना चाहते हैं तो आप वापस अपने देश में मुस्लिम विरोधी नहीं बन सकते।

अगर आप ईसाई देशों के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं तो आप ईसाई-विरोधी नहीं बन सकते। उन्होंने कहा, ‘आज जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हित में नहीं है, खास तौर से अगर हम सांप्रदायिक मानसिकता प्रदर्शित कर रहे हैं तो वह ठीक नहीं है।

खेहर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने जान-बूझकर 1947 में धर्मनिरपेक्षता को चुना था, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इस्लामिक रिपब्लिक बनने का फैसला लिया। इस अंतर को समझा जाना चाहिए।

Share This Article On :
loading...

BIG NEWS IN BRIEF