एनिमल केयर में शिक्षा और कॅरियर के विकल्प…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 28-01-2018 / 7:54 PM
  • Update Date: 28-01-2018 / 7:54 PM

भारत में विश्व के किसी भी देश के मुकाबले सबसे ज्यादा पशु हैं। एक रिसर्च के अनुसार यह संख्या लगभग 50 करोड़ के आसपास है। पिछले कुछ सालों से जानवरों में होने वाली जानलेवा बीमारियों ने इस क्षेत्र की ओर ध्यान खींचा है।

सरकार की ओर से भी इस दिशा में उपयोगी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में काफी नौकरियां पैदा हुई हैं। अगर आप जानवरों से प्यार करते हैं और उनके इर्द-गिर्द रहने में सहज हैं तो आप वेटरनरी साइंस व एनिमल केयर में शिक्षा और कॅरियर के विकल्प तलाश सकते हैं।

जानवरों को पालने का शौक बहुत पुराना है लेकिन आधुनिक होते इस युग में यह चलन और बढ़ गया है। लोगों की पशुओं में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए इस क्षेत्र में कॅरियर की संभावनाएं भी तेजी के साथ पनपी हैं। पशु चिकित्सकों के साथ-साथ कई और तरह के अवसर इस क्षेत्र में पैदा हुए हैं।

यदि आप पशु डॉक्टर बनने का सपना देख रहे थे और वह पूरा नहीं हो पाया तो सिर्फ दो साल का डिप्लोमा करके आप अपना यह शौक पूरा कर सकते हैं। वेटरनरी साइंस के तहत आप डिप्लोमा इन वेटरनरी फामेर्सी या डिप्लोमा इन वेटेरिनरी लाइव स्टॉक डेवलपमेंट असिस्टेंट का दो साल का कोर्स करके वेटरनरी फार्मिस्ट बन सकते हैं।

पशु-पक्षियों की बीमारी का पता लगाकर उनका इलाज एक वेटरनरी करता है। इस इलाज में जानवरों का टीकाकरण, उनकी सर्जरी या आॅपरेशन और देखभाल से जुड़ी सलाह देने जैसे कार्य शामिल हैं। पशु चिकित्सा विज्ञान बहुत हद तक मानव चिकित्सा विज्ञान तक जाता है, लेकिन पशु-पक्षियों द्वारा अपनी परेशानी न बता पाने की वजह से यह विज्ञान थोड़ा जटिल हो जाता है। पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होना वेटरनरी डॉक्टर का सबसे जरूरी गुण है। पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम होने पर ही डॉक्टर उनकी परेशानियों को उनके हाव-भाव से समझ सकता है, क्योंकि वह अपनी परेशानी खुद बता पाने में असमर्थ होते हैं।

कोर्स
इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए अभ्यर्थी वेटरनरी साइंसेज में बैचलर डिग्री और प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा डिप्लोमा, मास्टर डिग्री और पीएचडी स्तर पर भी संबंधित विषय में कोर्स उपलब्ध हैं।

बैचलर आॅफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हस्बैंड्री (5 वर्ष)
डिप्लोमा इन वेटरनरी फार्मेसी (2 वर्ष)
मास्टर आॅफ वेटरनरी साइंस (2 वर्ष)
पीएचडी इन वेटरनरी साइंस ( 2 वर्ष)

कैसे मिलेगा एडमिशन
वेटरनरी साइंस में बैचलर डिग्री कोर्स में एडमिशन लेने के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। वेटरनरी काउंसिल आॅफ इंडिया(वीसीआई) हर साल मई और जून में इसके लिए परीक्षा आयोजित करती है। इस परीक्षा के माध्यम से अन्य राज्य के अभ्यर्थियों द्वारा 15 प्रतिशत सीटों को भरा जाता है। बची हुई सीटें संबंधित राज्य (जहां वेटरनरी कॉलेज स्थित है) के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होती हैं।

योग्यता
वेटरनरी साइंस में बैचलर डिग्री कोर्स करने के लिए अभ्यर्थी को विज्ञान विषयों (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) के साथ 12वीं की परीक्षा में पास होना चाहिए। साथ ही 12वीं में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए।

वेतन
वेटरनरी डॉक्टरों की तनख्वाह उनके पद और अनुभव के आधार पर तय होती है। सरकारी वेटरनरी केंद्रों में फ्रैश ग्रेजुएट को जूनियर वेटरनरीसर्जन के तौर पर नियुक्त किया जाता है। जैसे-जैसे वह अनुभवी होता जाता है उसकी तनख्वाह उसी अनुपात में बढ़ती जाती है। इसमें सरकारी व गैरसरकारी नौकरियों के अलावा विदेशों में भी खासी डिमांड है।

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