अमेरिका ने माना यरुशलम को इजरायल की राजधानी

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 07-12-2017 / 11:50 AM
  • Update Date: 07-12-2017 / 11:50 AM

वाशिंगटन। अमेरिका ने इजरायल के दावे पर मुहर लगाते हुए ऐतिहासिक शहर यरुशलम में अपना दूतावास स्थानांतरित करने का फैसला किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिकी प्रशासन इस काम को पूरा करने में तत्परता से लगा है। यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने का यह सही समय है, पिछले राष्ट्रपतियों ने इसे केवल चुनाव का मुद्दा बनाया, लेकिन इस पर अमल करने से बचते रहे।

गौरतलब है कि पहले के अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जार्ज बुश व बराक ओबामा मध्य पूर्व की हालत को देखते हुए इस पर अमल करने से बच रहे थे। इस फैसले से यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में अमेरिकी मान्यता मिल गई है। पश्चिम एशिया में हिसा बढ़ने की आशंका से अमेरिका दशकों से इस मसले पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं कर रहा था। अरब जगत ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसका व्यापक असर होने की आशंका जताई गई है।

ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और जर्मनी ने भी अमेरिकी फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। पोप फ्रांसिस ने अमेरिका से यरुशलम में यथास्थिति का सम्मान करने की अपील की है। ट्रंप ने चुनावी घोषणा के अनुरूप इजरायल में अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम स्थानांतरित करने का फैसला किया है। यरुशलम में राजधानी बनने से फलस्तीन के प्रभाव वाले इलाके में इजरायल की पकड़ मजबूत होगी और उसके दावे को बड़ी ताकत मिलेगी। अरब देशों के कड़े विरोध को अनसुना करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने विदेश मंत्रालय को दूतावास का स्थान बदलने का आदेश दिया।

हालांकि, दूतावास स्थानांतरण में तीन से चार साल का समय लगेगा। इसके लिए यरुशलम में दूतावास की इमारत के साथ राजनयिकों के आवास का निर्माण होगा और सुरक्षा इंतजाम करने होंगे। अब तक की अमेरिकी नीति के अनुसार यरुशलम का भविष्य इजरायल और फलस्तीन को बातचीत के जरिये तय करना था। इजरायल और फलस्तीन, दोनों ही अपनी राजधानी यरुशलम को बनाना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस शहर पर इजरायल के अधिकार को मान्यता नहीं दे रहा था।

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