10 प्रतिशत आरक्षण एक चुनावी चाल है तो महंगी साबित होगी: शिवसेना

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 10-01-2019 / 3:30 PM
  • Update Date: 10-01-2019 / 3:30 PM

नई दिल्ली। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने को संसद से मंजूरी मिलने के एक दिन बाद शिवसेना ने आश्चर्य व्यक्त किया कि नौकरियां कहां से आएंगी? पार्टी ने साथ ही चेतावनी दी कि अगर यह एक चुनावी चाल है तो यह महंगी साबित होगी। शिवसेना ने कहा कि मराठा समुदाय को भी महाराष्ट्र में आरक्षण दिया गया है लेकिन सवाल अभी भी यही बना हुआ है कि नौकरियां कहां है?

शिवसेना ने कहा भारत में, 15 साल से अधिक उम्र के लोगों की आबादी हर महीने 13 लाख बढ़ रही है। 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों को नौकरी देना अपराध है लेकिन बाल श्रम लगातार जारी है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी केन्द्र और महाराष्ट्र दोनों जगह सत्तारूढ़ भाजपा की गठबंधन सहयोगी है।

सामना में कहा गया है कि देश में रोजगार की दर को संतुलित बनाए रखने के लिए हर साल 80 से 90 लाख नए रोजगारों की जरूरत है लेकिन यह गणित कुछ समय से असंतुलित है। सामना ने अपने मराठी संस्करण में कहा है, पिछले दो सालों में नौकरी के अवसर बढ़ने के बजाय कम हुए हैं और नोटबंदी एवं जीएसटी लागू किये जाने के कारण करीब 1.5 करोड़ से लेकर दो करोड़ नौकरियां गई हैं। युवाओं में लाचारी की भावना है।

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