पीजी संचालकों पर मेहरबानी, 6 मंजिला इमारत को बताया गया छोटी सी दुकान

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 10-07-2017 / 9:19 AM
  • Update Date: 10-07-2017 / 9:19 AM

गुरुग्राम। बिजली-पानी की मांग करने पर जिस पीजी चौथी मंजिल से युवक को धक्का देकर मार दिया गया था, उस इमारत का एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दअरसल नगर निगम के कुछ अधिकारियों ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में पीजी की छह मंजिला इमारत की जगह एक छोटी सी दुकान और भू-मंजिल पर केवल 4500 वर्ग फीट एरिया को रहने के लिए उपयोग में दिखाया है। यह सर्वे साल 2012 और साल 2015 में दो बार किया गया, लेकिन दोनों ही सर्वे में अधिकारियों को मौके पर 6 मंजिला इमारत नजर नहीं आई। ऐसे में सवाल उठने के साथ ही नगर निगम के अफसर अब कठघरे में है।

बताया जा रहा है कि डीएलएफ फेज-3 स्थित यह पीजी 2011 से संचालित किया जा रहा है। यहां पर नगर निगम की ओर से 2012 और 2015 में संपति कर की सर्वे करने वाली टीम भी पहुंची थी। नगर निगम की वेबसाइट से इस प्रॉपर्टी का 31 मार्च 2017 का संपत्ति कर नोटिस देखा गया तो उसमें अब भी पीजी का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। इससे यही कहा जा सकता है कि सर्वे करने वाली एजेंसी और निगरानी करने वाले अधिकारी प्रॉपर्टी के इस्तेमाल में गड़बड़ी का खेल खेल रहे हैं।

बता दें कि होटल मैनेजमेंट स्टूडेंट रमेश सिंह की बुधवार रात डीएलएफ फेज-3 स्थित पीजी में हत्या कर दी गई थी, लेकिन घटना के बाद भी प्रशासन अब तक नहीं जागा है। दरअसल शहर में ऐसे कई पीजी हैं जो अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। नाथूपुर, सुखराली, चकरपुर, झाड़सा, सेक्टर सत्रह जैसी कई जगहों पर दर्जनों इमारतों में अवैध तरीके से पीजी संचालित हैं। इन इमारतों की अनुमति ढाई मंजिल है पर अधिकारियों की मेहरबानी से इमारत की मंजिल बढ़ती गई।

इनका कहना है…
हमने आकस्मिक जांच करा ली है। जिसमें पाया गया है कि कई भवन मालिकों ने सही जानकारी नहीं दी है। उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। आगे उचित कार्रवाई की जाएगी। सर्वे की निगरानी करने वाले अधिकारी भी अपना जवाब देंगे। जिसका भी दोष होगा उसे छोड़ा नही जाएगा।
वी उमाशंकर, निगमायुक्त गुरुग्राम

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