दिमाग को नुकसान पहुंचाते है ये आहार

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 24-07-2017 / 4:34 PM
  • Update Date: 24-07-2017 / 4:34 PM

हम जो भी खाते हैं उसका सीधा असर हमारे शरीर और सेहत पर पड़ता है। खासकर हमारे दिमाग पर। स्वाद-स्वाद में तो हम कई तरह के पदार्थों का सेवन करते हैं लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि ये आहार हमारे शरीर किस तरह से नुकसान पहुंचाते हैं। पौष्टिक आहार खाने से हमारे शरीर को शक्ति मिलती है और हमारा दिमाह सक्रिय हो जाता है लेकिन कुछ आहारों से दिमाग की कार्यक्षमता कम होने लगती है, जिससे सोचने-समझने की क्षमता यहां तक की याद्दाश्त पर भी असर पड़ता है इसलिए दिमाग को स्‍वस्‍थ रखने के लिए इन आहारों का सेवन करने से बचना चाहिए।

सॉफ्ट ड्रिंक
सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करना आपके दिमाग के लिए हानिकारक होता है। इसमें पाया जाने वाला फ्रक्‍टोज दिमाग को प्रभावित करता है अौर दिमागी कार्यक्षमता को कम करता है। इसके अधिक सेवन से याद्दाश्‍त भी जा सकती है। इसलिए दिमाग को दुरुस्‍त रखने के लिए सॉफ्ट ड्रिंक न पिएं।

शुगर से बचें
शुगरयुक्‍त आहार दिमाग के लिए नुकसानदायक होते हैं। कैंडी, केक, मिठाई आदि में फ्रक्‍टोज पाया जाता है। इसके सेवन से न केवल शरीर का शेप बिगड़ता है साथ ही दिमाग भी कमजोर होता है।

नमक
नमक का अधिक सेवन करना दिल के साथ दिमाग के लिए भी नुकसानदायक है। इसमें अधिक मात्रा में सोडियम पाया जाता है, जो बौद्धिक क्षमता पर असर डालने के साथ-साथ ब्‍लड प्रेशर को भी बढ़ता है। इसके कारण सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए ज्‍यादा नमक का सेवन करने से बचें।

ऑयिली खाना
तले हुए अाहार के कारण भी दिमागी समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर आप अधिक तला हुआ खाद्य पदार्थ जैसे – समोसे, कचौड़ी आदि खाते हैं तो यह आपके दिमाग के लिहाज से ठीक नहीं। ये आहार तंत्रिका कोशिकाओं को धीरे-धीरे नष्‍ट करते हैं, और दिमाग को कमजोर बनाते हैं।

ट्रांस फैट
ट्रांस फैट कई रोगों के लिए जिम्‍मेदार होता है। इसके सेवन से मोटापा, दिल की बीमारियां, कोलेस्‍ट्रॉल बढ़ने जैसी समस्‍याएं होने लगती हैं। इसके अलावा यह दिमाग में सिकुड़न पैदा कर देता है। ट्रांस फैट खाने वालों को अल्‍जाइमर्स हो सकता है, जिसके कारण उनकी याददाश्‍त और तार्किक क्षमता में भारी गिरावट आती है।

जंकफूड
जंकफूड मोटापा बढ़ाने के साथ-साथ दिमाग को भी प्रभावित करते हैं। फास्‍टफूड और जंकफूड से दिमाग में मौजूद रसायनों की संरचना बदलती है। इसके अलावा बेचैनी और अवसाद से जुड़े लक्षण शुरू हो जाते हैं।

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