जापान बना सकता है भारत की पहली बुलेट ट्रेन, इसी हफ्ते हो…

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 08-12-2015 / 11:19 PM
  • Update Date: 14-12-2015 / 7:47 PM

दिल्‍ली। भारत की पहली बुलेट ट्रेन बनाने के अधिकार जापान को मिल सकता है। बिजनेस समाचार पत्र के अनुसार बुलेट ट्रेन के निर्माण में 980 अरब की लागत आएगी और जापान इसके निर्माण के लिए 8.11 अरब डॉलर से अधिक का ऋण देने की पेशकश करेगा। इससे पहले जापान इंडोनेशिया की हाई स्पीड रेल बनानें की दौड में शामिल था लेकिन चीन ने इसके लिए बिना किसी गैरेंटी के पांच अरब का ऋण दे कर बाजी मार ली। उम्मीद है कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के इसी हफ्ते होने वाले भारत दौरे पर मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की डील का ऐलान हो जाएगा।

मोदी ने दिखाया भारत को सपना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली जिन बुलेट ट्रेनों का सपना भारत को दिखाया था उन्हें जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है।

पहला ट्रैक बनाने पर करीब 1 लाख करोड़ का खर्च
अब तक ये कहा जा रहा था कि मुंबई अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन का पहला ट्रैक बनाने पर ही करीब 1 लाख करोड़ का खर्च आएगा। इतना भारी भरकम खर्च ना तो करीब 1 लाख करोड़ के कुल सालाना बजट वाली भारतीय रेल के लिए मुमकिन है और ना ही सरकार के लिए, लेकिन अब जापान सरकार की एक बेहद रियायती पेशकश ने पूरी तस्वीर बदल दी है।

…बुलेट ट्रेन का सपना सिर्फ सपना ना रह जाए
मुंबई-अहमदाबाद रूट पर बुलेट ट्रेन चलाना मुमकिन है या नहीं इसकी पड़ताल का काम जापान की Japan International Cooperation Agency यानी जीका को सौंपा गया था। इसी साल जुलाई महीने में जीका ने इसे मुमकिन तो बताया लेकिन इतना भारी भरकम खर्च बता दिया कि लगने लगा कि मोदी की बुलेट ट्रेन का सपना सिर्फ सपना ही ना रह जाए।

इतना बताया खर्च
जुलाई महीने में मुंबई-अहमदाबाद रूट पर जापान इंटरनेशनल को ऑपरेशन एजेंसी यानी जीका रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात पहले के मुकाबले करीब दोगुनी लागत थी। शुरुआती हिसाब तो ये था कि मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन 62 हजार करोड़ रुपए में दौड़ने लगेगी, लेकिन जीका ने जो हिसाब लगाया उसके मुताबिक मुंबई अहमदाबाद रूट के लिए 98 हजार 800 करोड़ रुपए खर्च सामने आया।

ये अनुमान सिर्फ मुंबई अहमदाबाद के 505 किलोमीटर रूट के लिए लगाया गया था। इस खर्च में मुंबई अहमदाबाद रूट पर बुलेट ट्रेन के लिए 12 स्टेशन 300 किलोमीटर प्रति घंटा की औसत रफ्तार के लिए नया सुरक्षित ट्रैक और बुलेट ट्रेन के लिए जापानी तकनीक के इस्तेमाल का खर्च शामिल था।

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