छोटे भाई के शव के साथ 9 दिनों तक सोते रहे बुजुर्ग

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 06-07-2017 / 11:06 AM
  • Update Date: 06-07-2017 / 11:06 AM

नई दिल्ली। छोटे भाई की मौत होने के बाद बड़ा भाई नौ दिन तक इस उम्मीद में उसके शव के साथ रहा कि शायद भाई ठीक हो जाए। घटना उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर की हैं जहां अकेले रहने वाले दो बुजुर्ग भाइयों में से छोटे भाई की मौत हो गई थी। बड़े भाई समझते रहे कि उनका छोटा भाई बीमार है। वह उनके जल्दी ठीक होने की उम्मीद लगाए रहे। इस तरह वह 9 दिनों तक अपने छोटे भाई की लाश के साथ रहे। घटना का पता तब चला जब छोटे भाई के कुछ जानकार उन्हें ढूंढते हुए उनके घर पहुंचे।

मामला सामने आने के बाद बाद शव को कब्जे में लिया गया। मृतक की पहचान राजेंद्र भटनागर (68) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र के भाई प्रह्लाद भटनागर (70) मानसिक रूप से बीमार हैं। भाई की मौत होने के बाद वह नौ दिनों तक घर से बाहर नहीं निकले। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र अपने बड़े भाई प्रह्लाद के साथ यहां करावल नगर स्थित घर में रहते थे। दोनों भाई अविवाहित हैं। एक निजी कंपनी से रिटायर होने के बाद राजेंद्र घर के पास स्थित लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल में संस्कृत पढ़ाते थे।

स्कूल से मिले वेतन से दोनों भाई अपना गुजारा करते थे। 23 जून को राजेंद्र की तबीयत बिगड़ी तो वह दवा खाकर सो गए। इसके बाद वह नहीं उठे। प्रह्लाद ने उसी दिन शाम को, फिर अगले दिन उठाया, लेकिन राजेंद्र नहीं उठे। प्रह्लाद ने सोचा शायद राजेंद्र की तबीयत ज्यादा खराब है। प्रह्लाद शव के साथ सोते रहे। गर्मी की छुट्टियों के बाद 27 जून को राजेंद्र का स्कूल खुल गया। स्कूल न पहुंचने पर 28 जून को स्कूल का चपरासी राजेंद्र से चाबी लेने पहुंचा तो प्रह्लाद ने बता दिया कि वह बीकानेर, राजस्थान गए हुए हैं।

सोमवार तक वह स्कूल नहीं पहुंचे तो प्रिंसिपल लक्ष्मीचंद तोमर ने स्कूल के दो टीचर नंद कुमार और उत्तम कुमार को घर भेजा। दोनों टीचर जब घर पहुंचे तो उन्हें बदबू आने लगी। जैसे ही दोनों अंदर घुसे उनको बिस्तर पर सड़ा-गला शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस को भी प्रह्लाद ने बताया कि उनके भाई की तबीयत खराब है। पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया।

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