गुजरात श्रमिक कानून को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 02-12-2015 / 7:48 PM
  • Update Date: 03-12-2015 / 12:09 AM
The President, Shri Pranab Mukherjee addressing at the foundation stone laying ceremony of the Auditorium of Sat Paul Mittal School, at Ludhiana, Punjab on November 27, 2012.
The President, Shri Pranab Mukherjee addressing at the foundation stone laying ceremony of the Auditorium of Sat Paul Mittal School, at Ludhiana, Punjab on November 27, 2012.

अहमदाबाद। नए प्रावधानों के साथ सरकार को ‘जुर्माने’ की अदायगी के समझौता फार्म्युला के जरिए प्रबंधन और श्रमिकों के बीच विवाद निपटाने जैसे कुछ विवादास्पद नियमों के साथ गुजरात के श्रम सुधार विधेयक को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की संस्तुति मिल गई है। राष्ट्रपति ने श्रम कानून (गुजरात संशोधन) विधेयक 2015 को अपनी संस्तुति दे दी है जिसमें अपराधों का समझौता का उल्लेख है।

इसके तहत औद्योगिक कर्मचारी बिना अदालत गए अपने नियोक्ता के साथ सुलह कर सकते हैं। विधेयक ने विभिन्न श्रमिक कानूनों में कुल 14 संशोधनों की पेशकश की है। गुजरात सरकार के संसदीय सचिव सी जे गोठी ने कहा हमें श्रमिक कानून (गुजरात संशोधन) विधेयक 2015 के लिए राष्ट्रपति की संस्तुति मिल गयी है। उन्होंने कहा संस्तुति सितंबर में मिली थी लेकिन इसे लागू करने के लिए हमने गजट में इसे अधिसूचित नहीं किया है।

विधेयक में प्रावधान है कि दोनों पक्ष (श्रमिक और उद्योग) ‘अपराध का समझौता’ के जरिए अपने विवादों का समाधान कर सकते हैं। अपराध का समझौता के नये तंत्र के तहत कामगार बिना अदालत गए नियोक्ता के साथ समझौता कर सकते हैं। इसके लिए सरकार जुर्माने के तौर पर नियोक्ता से 21,000 रूपये तक वसूल कर सकेगी और 75 प्रतिशत जुर्माने की राशि प्रभावित कर्मचारी या कर्मचारियों को दे सकेगी।

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