एनडीए करेगा विज्ञापन नीति में बदलाव, बकाया वसूलने की भी तैयारी

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 07-07-2017 / 4:50 PM
  • Update Date: 07-07-2017 / 4:50 PM

नोएडा। वित्तीय स्थिति से जूझ रहा नोएडा विकास प्राधिकरण अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए विज्ञापन नीति में भी बदलाव करने की तैयारी में है। प्लान के तहत प्राधिकरण इस माह के मध्य तक एजेंसी का चयन करेगा, जो प्राधिकरण की विज्ञापन नीति को पूरी तरह से बदल देगी। नई विज्ञापन नीति में ऐसे नियम, मानक शर्त व दरों को शामिल किया जाएगा, जिनके जरिए एनसीआर के सभी शहर की सरकारी संस्थाएं अच्छी-खासी कमाई कर रही हैं।

नोएडा विकास प्राधिकरण के पास वित्तीय आय का एक जरिया विज्ञापन भी है। शहर में होर्डिग, बैनर, यूनीपोल, पोल विज्ञापन के अलावा तमाम तरीकों से विज्ञापन किया जाता है। इसके लिए विज्ञापन लगाने वाले को प्राधिकरण में एक नियत रकम समझौता पत्र की शर्तो के अनुसार जमा करनी होती है। वर्तमान में विज्ञापन के जरिये प्राधिकरण को हर वर्ष करीब 10 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है। इस रकम को अब प्रति वर्ष सौ करोड़ रुपये तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विज्ञापन की दरों में बढ़ोतरी भी की जा सकती है।

वहीं अब तक जिन क्षेत्रों में विज्ञापन नहीं लगाए जा रहे हैं, उन क्षेत्रों में भी विज्ञापन लगाने को मंजूरी दिए जाने के लिए नई विज्ञापन नीति को लागू किया जाएगा। फिलहाल प्राधिकरण के अधिकारी गाजियाबाद, दिल्ली, फरीदाबाद, गुरुग्राम के विभिन्न सरकारी विभागों की विज्ञापन नीति का आकलन करने के लिए एजेंसी के चयन की तैयारी में है। इसके बाद तीन माह में नई विज्ञापन नीति को तैयार करके इसे शासन से मंजूरी लेकर नोएडा में लागू किया जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों पर प्राधिकरण के कई करोड़ों की राशि बकाया है। इस राशि को वसूलने के लिए प्राधिकरण संस्थानों को नोटिस भी भेज रहा है। वित्तीय स्थिति का एक बड़ा हिस्सा बिल्डर के पास भी है। वित्तीय संकट का असर नोएडा के विकास परियोजनाओं पर दिख रहा है। लिहाजा प्राधिकरण की प्राथमिकता अपने वित्तीय ढांचे को मजबूत करना है।

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