ईद में दें बधाई, लेकिन न मिले गले

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 02-09-2017 / 12:09 PM
  • Update Date: 02-09-2017 / 12:09 PM

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुस्लिम धर्म गुरुओं ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे एक दूसरे को बधाई दें, लेकिन गले न मिलें। स्वाइन फ्लू से प्रदेश में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, देशभर में 1100 लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं, एक प्रमुख मुस्लिम संगठन ने लोगों से अपील की है कि वे इस बकरीद पर सफेद रंग के जानवरों की कुर्बानी नहीं दें। गौ रक्षक उस जानवर को गलती से गाय समझ सकते हैं। प्रमुख उर्दू समाचार पत्रों के फ्रंट पेज में प्रकाशित विज्ञापन में संगठन ने ईद के जश्न को मनाने के लिए चार-प्वाइंट्स में एडवाइजरी जारी की है।

गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा को देखते हुए यह विज्ञापन जारी किया गया है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपील कर चुके हैं कि गाय संरक्षण और विश्वास के नाम पर हिंसा और हत्याएं नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद इस तरह की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।

लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की अपील से उत्तर प्रदेश में गौसेवक जागरुक नहीं हुए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने शीर्ष प्राथमिकताओं में गाय सुरक्षा का आह्वान किया था। राज्य में 20 करोड़ की आबादी में मुसलमानों की संख्या 20 फीसद ही है।

कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी में नगरपालिका कर्मचारियों आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए निकले थे। मगर, गुंडों ने उन्हें पीट दिया था क्योंकि उन्हें आशंका थी कि ये गाय की खरीद-फरोख्त करने वाले लोग हैं और गायों को पकड़कर स्लॉटर हाउस ले जा रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा कि पिछले छह महीनों में ऐसे एक दर्जन से अधिक उदाहरण सामने आए हैं।

इन परिस्थितियों में मुस्लिमों को केवल भूरे या काले रंग के जानवरों की कुर्बानी देनी चाहिए, ताकि उन्हें गलती से निशाना नहीं बनाया जा सके। रोजनामा राष्ट्रीय सहारा और इंक्लाब जैसे उर्दू समाचार पत्रों में यह विज्ञापन प्रकाशित हुआ है। इसे जमीयत उल्मा-ए-हिंद नाम के प्रमुख मुस्लिम संगठन ने दिया है।

इसके बावजूद यदि परेशानी पैदा करने वाले लोग जानवरों की कुर्बानी देने से रोकने की कोशिश करते हैं, तो समाज के बड़े-बूढ़ों और प्रशासन को आत्मविश्वास में लें। यदि इससे भी कोई मदद नहीं मिलती है, तो एडवाइजरी में कहा गया है कि कुर्बानी के लिए मुसलमान ऐसे क्षेत्र में जाएं, जहां यह संभव हो सके। किसी भी परिस्थिति में आशा नहीं खोएं और किसी विवाद में नहीं पड़ें। शांति और भाईचारे के साथ स्थिति का सामना करें।

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