अब मधुमेह रोगी भी खा सकते हैं चावल

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 20-12-2015 / 4:52 PM
  • Update Date: 20-12-2015 / 4:52 PM

रायपुर। यह उन मधुमेह रोगियों के लिए अच्छी खबर हो सकती है जिन्हें इस बीमारी के कारण चावल से परहेज करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चावल की ऐसी प्रजाति के बारे में पता लगाया है जिसे मधुमेह रोगी भी आसानी से खा सकते हैं।

विश्वविद्यालय के प्लांट मॉलिक्युलर एंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्राध्यापक गिरीश चंदेल ने बताया कि उनकी टीम ने धान की ऐसी प्रजाति के बारे में पता लगाया है जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है। मधुमेह रोगी या जिन्हें इस बीमारी का खतरा है, वह लोग इसका सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा यह चावल आम लोगों के लिए ‘‘हेल्दी डाइट’’ भी है।

चंदेल ने बताया कि उनकी टीम पिछले कुछ समय से धान की ऐसी प्रजाति के बारे में पता लगाने या नई प्रजाति बनाने के बारे में खोज कर रही थी जिसे मधुमेह रोगी भी आसानी से खा सकें। लंबे समय तक खोज के बाद अब विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चपटी गुरमटिया धान में से एक अन्य प्रजाति के बारे में पता लगाया है। धान की इस प्रजाति में ऐसे तत्व पाए गए हैं जिसे मधुमेह रोगी भी आसानी से खा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को धान के कटोरे के रूप में जाना जाता है और यहां की अधिसंख्य जनसंख्या चावल खाती है। ऐसे में मधुमेह रोगी भी चावल नहीं छोड़ पाते हैं। अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले चावल खाने से मधुमेह रोगियों की तकलीफ बढ़ सकती है। ऐसे रोगियों के लिए चपटी गुरमटिया की यह प्रजाति फायदेमंद साबित हो सकता है।

वैज्ञानिक ने बताया कि धान की इस प्रजाति को लेकर छत्तीसगढ़ काउंसिंल आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी विभाग ने चूहों पर प्रयोग किया है। चूहों में किए गए प्रयोग के उत्साहजनक नतीजे आए हैं। वैज्ञानिकों ने एक मधुमेह रोगी चूहे पर इस धान का प्रयोग किया था तथा अन्य चूहे पर मधुमेह नियंत्रण वाली दवाई का प्रयोग किया था। दोनों के नतीजे समान आए हैं।

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