अब अंधेरे में नहीं रहेगा चीन का कोई गांव

  • ByJaianndata.com
  • Publish Date: 30-01-2016 / 10:54 PM
  • Update Date: 30-01-2016 / 10:56 PM

शिनिंग। चीन ने बिजली आपूर्ति की वैश्विक जरूरत को समझते हुए अब तक बिजली की सुविधा से वंचित रहे 39,800 की आबादी वाले आखिरी कस्बे को नेशनल ग्रिड से जोड़ दिया है। क्विंघाई प्रांत में स्थित गोमांग और चांगजियांग गांव आखिरकार बिजली की रोशनी से नहा गए।

चीन में ये दोनों ही ऐसे गांव बचे थे, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंच सकी थी। क्विंघाई विद्युत कंपनी की कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष शी शुएकियान ने बताया कि क्विंघाई-तिब्बत पठारी इलाके में 9,614 परिवार औसतन 4,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर निवास करते हैं। इन गांवों तक बिजली पहुंचाने की योजना पर कंपनी ने 2.1 अरब युआन खर्च किए।

पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य था
राष्ट्रीय विद्युत प्रशासन (एनईए) के वरिष्ठ अधिकारी तान रोंगचुन ने बताया कि क्विंघाई ने अपने सभी नागरिकों तक बिजली पहुंचा दी है। चीन ने 12वीं पंचवर्षीय योजना में तय किए गए लक्ष्य के तहत देश के सभी नागरिकों को विद्युत आपूर्ति, को हासिल कर लिया।’ उल्लेखनीय है कि 2012 तक चीन में 27.3 लाख की आबादी बिजली विहीन थी।

इस तरह के ज्यादातर इलाके शिनजियांग, सिचुआन, तिब्बत, क्विंघाई, गांसू और इनर मंगोलिया में स्थित थे। क्विंघाई में ही 470,000 की आबादी तक बिजली नहीं पहुंच सकी थी। एनईए की तीन वर्षीय कार्य योजना के बाद क्विंघाई की यह बिजली की सुविधा से वंचित 39,800 लोगों की आखिरी आबादी भी बिजली की रोशनी से नहा गई।

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